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Showing posts from June, 2020

बेवजह

भंवर

Motivational Thought

Motivational Thought

अक्सर  इंसान की चालाकियां ही गलतियां बन जाती है।  और ये गलतियां अपराध बन जाते हैं ।  फिर ये अपराध पाप बन जाते हैं।                                         
  थोड़ी बेशर्मी भी जरूरी है जिंदगी जीने के लिए ।  शर्मदार  लोग अक्सर जिंदगी हार जाते हैं। S.R

तो शायद तुम ऐसा ना करते

  एक बार जो देख लेते तुम अपनी मुस्कान   तो शायद तुम ऐसा ना करते  होता जो बूढ़े बाप के कंधों का ख्याल  तो शायद तुम ऐसे ना करते।  यकीन जो होता तुमको अपने बुने ख्वाबों पर  तो शायद तुम ऐसा ना करते।   गर होता राखी के बंधन से मोह   तो तुम ऐसा ना करते।   हम मरते थे तुम पे बहुत प्यार करते थे तुम से                            होतातुमको ये मालूम तो शायद तुम ऐसा ना करते  तुम कुछ बहक गए ,अपने ही सवालों में उलझ गए  मिल जाता जो कोई जवाब तो शायद तुम ऐसा ना करते  काश ...काश.. कि तुम रुक जाते यू मौत के सफर पर न जाते   काश कि तुम कुछ सोच पाते अपने मन की बोल पाते   तो शायद तुम ऐसा ना करते, तो शायद तुम ऐसा ना करते।                                                                   ...

सुशांत सिंह राजपूत

.                                                                                   काबिलियत पर तुम्हारी पहले भी शक न था ।                       पर  जाते-जाते  तुमको  मान  गए।                                      जो दर्द तुम्हारे दिल में था।                                                हमारे सीने  में भी उतार गए ।

Shikar

#havingsadness #beingamother  न जाने क्या बैहसियत,हैवानियत सवार थी ।  खाने को दिया खाना जिस में अंगार ही अंगार थी ।।  जाने कितना वो रोयी कितना वो चिल्लाई होगी । बच्चे को न देख पाने की कसक उसके दिल में भी आई होगी।।  उसकी ममता ने उसको भी दिया इशारा होगा ।  "कोई मेरे बच्चे को बचा लो" उसने भी पुकारा होगा ।। गर होती वो इंसान तो कोई सबूत दे जाती।  जानवर थी बेचारी कैसै कुछ कह पाती ।।  शायद इसी वजह से उन्होने अपनी दुनिया अलग बसाई है।  इंसान है सबसे  बडा़ निरदयी ,जानवर ने तो केवल जानवर की जात ही पायी है।।                                                                             S.R

हे श्री राम

हे मर्यादा पुरूषोत्तम राम ।  हे  जग  के  रखवाले राम ।। आओ  लेके फिर से जन्म  । मनुष्य करने लगा बडे कुकरम  ।। सुन के तुमको परेशानी होगी ।  रावण  को भी  हैरानी  होगी  ।। बात  कही  न  जाय  मुझसे   । आकर देख लो तुम  खुद से ।।  ये  जो  तुमको  ध्यानते   है   ।  आदर्श   तुम्हारे ही नही मानते है ।।  जग  मे  मचा  पडा  कोहराम ।  रक्षा   करो    हे   श्री   राम    । ।                                                 S.R