एक बार जो देख लेते तुम अपनी मुस्कान तो शायद तुम ऐसा ना करते होता जो बूढ़े बाप के कंधों का ख्याल तो शायद तुम ऐसे ना करते। यकीन जो होता तुमको अपने बुने ख्वाबों पर तो शायद तुम ऐसा ना करते। गर होता राखी के बंधन से मोह तो तुम ऐसा ना करते। हम मरते थे तुम पे बहुत प्यार करते थे तुम से होतातुमको ये मालूम तो शायद तुम ऐसा ना करते तुम कुछ बहक गए ,अपने ही सवालों में उलझ गए मिल जाता जो कोई जवाब तो शायद तुम ऐसा ना करते काश ...काश.. कि तुम रुक जाते यू मौत के सफर पर न जाते काश कि तुम कुछ सोच पाते अपने मन की बोल पाते तो शायद तुम ऐसा ना करते, तो शायद तुम ऐसा ना करते। ...
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